आग़ाज़ ए सुख़न ने पूरे किए सौ एपिसोड

 आग़ाज़ ए सुख़न ने पूरे किए सौ एपिसोड
सुखन की एक सुहानी शाम

परिवर्तन साहित्यिक मंच के कार्यक्रम आग़ाज़ ए सुख़न ने 19.06.22 को सौ एपिसोड पूरे कर लिए। 100 हफ़्तों से हर रविवार को होने वाले इस कार्यक्रम में देश- विदेश के सैकड़ों कवियों-कवयित्रियों ने सहभागिता की है ।

परिवर्तन साहित्यिक मंच “आग़ाज़ ए सुख़न ” के अलावा भी कई ऑफ़लाइन और ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित करता रहता है । जिसमें किताबों की दुनिया,रूबरू,वार्ता और स्टूडेंट्स गाइडेंस प्रोग्राम भी है ।अभी हाल में ही वार्ता और गाइडेंस प्रोग्राम के भी 50 एपिसोड पूरे हुए हैं ।

परिवर्तन साहित्यिक मंच साहित्यिक ,सांस्कृतिक और शैक्षिक जागरूकता के माध्यम से समाज में आमूलचूल परिवर्तन के लिए विगत कई वर्षों से प्रयासरत है । परदे के पीछे की बेख़ौफ़ आवाज़ें,शब्दों की अदालत में, काव्य पत्रिका मशाल ,साझा उपन्यास ज़िंदगी है हैंडल हो जाएगी जैसी किताबों के माध्यम से साहित्यिक,सामाजिक,सांस्कृतिक और शैक्षिक जागरूकता जगाने का प्रयास करता रहा है ।

वैसे तो आग़ाज़ ए सुखन की हर शाम बड़ी सुहानी रही है लेकिन सौवें एपिसोड की सांझ कुछ ज़्यादा ही खुशगवार थी । मूर्धन्य साहित्यकारों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए ।कार्यक्रम की अध्यक्षता की वरिष्ठ कवि नरेश सक्सेना जी ने जिससे कार्यक्रम का गौरव और बढ़ गया । डॉ राजकुमारी, प्रिया वर्मा, तेज प्रताप नारायण और अशोक वर्मा की विचारपरक और संवेदनशील कविताओं ने श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया । समकालीन युवा कवयित्री डॉ अनुराधा ओस ने पूरे सौ हफ़्ते कार्यक्रम का बखूबी संचालन किया है ।इस महती कार्य के लिए श्रोताओं की उन्हें ख़ूब सराहना भी मिलती रही है ।

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