विश्वनाथ की बाल कविताएँ

 विश्वनाथ की बाल कविताएँ

मैं विश्वनाथ , 7 साल का हूँ, कक्षा 1 में पढ़ता हूँ, मुझे जानवर बहुत पसंद है, मुझे डायनासोरों के बारे में काफी जानकारी है और मुझे उनके बारे में पढ़ना और जानकारी करने में विशेष रुचि है|
मैं कवितायें भी लिखता हूँ मुझे कविता पाठ करने के लिए बहुत सारे प्रमाण पत्र मिले हैं|
मुझे पियानो बजाना, डांस करना, दोस्तों के साथ घूमना और दूसरों की सहायता करना बहुत पसंद है ।

【 कौन सिखाता 】

कौन सिखाता फूलों को यूँ, काँटों में मुस्काना ?
कौन सिखाता चींटी को, मेहनत करते जाना ?
कौन सिखाता भौरों को, गुन, गुन करके गाना ?
कौन सिखाता चिड़ियों को, उड़ना और चहचहाना ?
प्रकृति में इतनी घटनाएं, रोज घटित होतीं हैं।
मन में प्रश्न हमेशा उठता, कौन बुने ये ताना बाना ?
कौन बुने ये ताना बान……. ?

【चिड़िया रानी】

चिड़िया रानी आओ ना ,
हमको गीत सुनाओ ना
गीत तुम्हारे प्यारे लगते,
मुझको सिखला जाओ ना
आ जाओ हम मिल खेलेंग,
मिल खाएंगे साथ रहेंगे
डरती क्यों हो तुम हमसे,
हम तुमको नहीं सतायेंगे

【समय का महत्व】

ठीक समय सूरज उगता,
चाँद समय पर आ जाता है
ठंडी, गर्मी, वर्षात, वसन्त,
सब समय से चलता जाता है
जग के सारे क्रियाकलाप,
समयबद्ध चलते हैं
हमको भी ये शिक्षा देते,
चलो समय के साथ
ठीक समय पर उठो और,
समय पर विश्राम करो
समय महत्वपूर्ण है,
समय का सम्मान करो।

【बाल दिवस】

बाल दिवस है हमको प्यारा,
ख़ुशियों का है ये पिटारा
हमारे प्यारे चाचा नेहरू की,
वर्षगांठ है आई
आओ हम सब मिल कर खायें,
आज खूब मिठाई
चाचा नेहरू कहते थे,
बच्चो करो पढ़ाई
और हमेशा बनो सत्य,
अहिंसा के हमराही
हमेशा कोशिश यही करो,
देश प्रगति करे
मातृ भूमि की रक्षा हित,
सब संकल्प करें

【 कलम से तलवार बदल दो】

मेरे देश वासियों अब तुम,
पुरानी चाल बदल दो
नफरत और बुराई वाले
तूफानों की राह बदल दो
भाईचारा प्रेम बढ़े
जीवन के पहचान बदल दो
देश बने फिर सोने की चिड़िया,
कलम से तलवार बदल दो ।

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