पिता जी ने नवाबगंज की परंपरा बदल दी(संस्मरण-10)

संस्मरण की यह शृंखला यू पी के पूर्व मिनिस्टर कांग्रेस नेता स्मृतिशेष चेतराम गंगवार जी के जीवन से सम्बंधित है जो उनकी सुपुत्री प्रसिद्ध लेखिका विमलेश गंगवार द्वारा लिखा गया है । पिता जी सोचते कि नबावगंज का कोई भी व्यक्ति चुनाव लड़ने बरेली कभी नही जाता है तो फिर वहां के लोग नबावगंज आकर […]Read More

श्वान कथा

एक साधारण परिवार में जन्मे और ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े इं दिनेश कुमार सिंह ने लखनऊ विश्वविद्यालय से बी.एस-सी. किया, और देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज आई. ई. टी. लखनऊ से बी.टेक.हैं ।अन्ना आंदोलन से प्रभावित होकर उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर भ्रष्ट्राचार के खिलाफ जंग में कूद पड़े,व्यवस्था परिवर्तन और समाजसेवा […]Read More

पूनम भार्गव ज़ाकिर की कविताएँ

आगरा की कवयित्री पूनम भार्गव” ज़ाकिर दक्षिनांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (UPPCL) के अधीन कार्यरत हैं ।मूलरूप से चित्रकार हैं ।इनकी कविताएँ विभिन्न साझा संग्रहों जैसे 100 क़दम,अहसास की दहलीज़ पर,पर्दे के पीछे की बेख़ौफ़ आवाज़ें“शब्दों की अदालत में, चिनगारियाँ ,निलाांबरा आदि में छप चुकी हैं।ई- पत्रिका अल्फ़ाज़, हस्ताक्षर वेब पत्रिका,अमर उजाला काव्य, जीनियस अचीवर,सुवर्णा, […]Read More

उलझनें और उलझ रहीं थी -संस्मरण 9

संस्मरण की यह श्रृंखला उ प्र सरकार के पूर्व मंत्री स्मृतिशेष चेतराम गंगवार जी पर है उनकी बेटी श्रीमती विमलेश गंगवार द्वारा लिखा गया है जो सुप्रसिद्ध कथाकार और उपन्यासकार हैं । राजनैतिक पराभव के इस युग मे चेतराम जी का चरित्र और जनता के प्रति समर्पण अप्रतिम है । पूरा पढ़ने के लिए theparivartan.co.in […]Read More

Independent M.L.A. रहना जान का जंजाल है ।(संस्मरण 8)

ये संस्मरण ,यू पी के पूर्व मंत्री चेतराम गंगवार जी के बारे में है जो उनकी बेटी विमलेश गंगवार ‘ दिपि ‘ द्वारा लिखा गया है जो एक सुप्रसिद्धि लेखिका हैं । विधान सभा सत्र प्रारंभ हो गया तो लखनऊ तो आना ही था । 1 ,कालिदास मार्ग अभी भी पिता जी के नाम आवंटित […]Read More

यू पी के पूर्व मंत्री स्मृति शेष चेतराम गंगवार के

संस्मरण लेखिका उनकी सुपत्री विमलेश गंगवार ‘दिपि ‘ हैं जो सुप्रसिद्ध लेखिका हैं । बुजुर्गों की हवेली ( पचपेड़ा ) राजनैतिक तनावों से मुक्त , शांति मय और संगीत मय हो गई थी अब । चुनाव की जीत से गाँव के बच्चे इतने खुश हो गये कि जब उनके मन में आता वे घर को […]Read More

विमल कुमार ‘भारती ‘ की कविताएँ

विमल कुमार ‘भारती’ख्यातिलब्ध शिक्षक, प्रेरक एवं कविअमरपुरा, पटना, बिहार [ कविता और प्यार ] कविता लिखी नहीं जातीखुद-ब-खुद लिख जाती हैवैसे ही जैसेप्यार किया नहीं जाताखुद हो जाता है कविता मेंशब्दों को जोड़नाअंगों को मिलाने जैसा हैशब्दों के बीच यौन संबंधस्थापित करने जैसा हैइसमें काव्य कहाँ हैप्रेम कहाँ है प्यार और काव्यदोनों का मूलसहज भाव […]Read More

काहे कौ काटो टिकट ? बतावौ ऐ सरकार! (संस्मरण 6)

ये संस्मरण ,यू पी के पूर्व मंत्री चेतराम गंगवार के बारे में है जो उनकी बेटी विमलेश गंगवार ‘ दिपि ‘ द्वारा लिखा गया है जो एक सुप्रसिद्धि लेखिका हैं । अब तो धुआं धार कन्वेसिंग प्रारम्भ हो गई ।जिसको जो मिला उसी से घूमने लगे ।सायकिल पैदल कार जीप सबसे ज्यादा ट्रैक्टर क्षेत्र में […]Read More

वरिष्ठ उपन्यासकार और कथाकार विमलेश गंगवार ‘ दिपि’ से बातचीत

परिवर्तन :कुछ अपने बारे में बतायें । विमलेश गंगवार: मेरा जन्म जिला बरेली के पचपेड़ा गाँव ( उत्तर प्रदेश) मे हुआ था ।माता स्व .श्री मती सत्य भामा देवी जी थी एवं पिता स्व .श्री चेत राम गंगवार जी कृषक एवं राज नेता थे ।प्रारम्भिक शिक्षा पास के गाँव हिमकर पुर चमरौआ में और कक्षा […]Read More

12 वीं साइंस के बाद कैरियर संबंधी जानकारी

आशीष कुमार उमराव, ऐकडेमिक और कैरियर मेंटर साइंस से 12वीं करने वाले विद्यार्थियों का वर्ग विषयों के आधार पर अलग-अलग होता है। इनमें PCM, PCB और PCMB शामिल हैं। हम यहां आपको एक-एक वर्ग के कोर्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं। सबसे पहले बात करते हैं PCB, यानी फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषय […]Read More