संजय श्रमण सारनाथ में गौतम बुद्ध का पहला प्रवचन धम्मचक्र प्रवर्तन सूत्र वक्तव्य कहलाता है। यह उन्होंने अपने पांच भिक्षुओं कौण्डिण्य, वप्प, भद्दीय, अस्सजि और महानाम के सामने दिया था। गौतम बुद्ध के बाद आचार्य वसुबंधु बहुत महत्वपूर्ण माने गए हैं, कई दार्शनिक ग्रंथों में इन्हें दूसरा बुद्ध भी कहा गया है। आचार्य वसुबंधु ने […]Read More
लेखक चर्चित कवि और आलोचक हैं । भारत में स्त्री विमर्श कोई नई बहस नहीं है । समता-समानता की डींगें मारने वाले व्यवस्था साधकों की कोरी लफ्फाजी के बीच आज भी मूल मुद्दा गौण है ।आर्यावर्त में साहित्य शताब्दियों से लिखा जाता रहा है, परन्तु स्त्री की जिन्दगी को शब्दों की दुनिया में आने अनुमति […]Read More
विमलेश गंगवार एक वरिष्ठ कथाकार हैं जिनके दो उपन्यास और एक कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं ।तीसरा उपन्यास शीघ्र प्रकाश्य है । लम्बपुच्छ अपनी अपनी योजना बना चुके थे,अब उन्हें अपनी पत्नी लाली से सहमत लेनी थी।रात भर पीपल के पेड़ में बने कोटर (घर) में कुलबुलाते रहे थे। कोटर के चारो ओर घना […]Read More
राजीव चौधरी,प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग,DTU है पड़ा गले सबके कोरोना इस क़दर कि, किसी और से गले मिलना भी मुहाल है। पहले होली में थी जैसी कशमकश अब, कुछ वैसी ही ईद पर भी सूरत-ए-हाल है। फ़ासले और न बढ़ जाएं, घटाने की इन्हें, कोई और भी तो सबील निकाली जाए। जुदा ज़ुबां हो या […]Read More
“दिशा — हमारे बच्चों की “— रचना चौधरी # चौदह- पंद्रह साल के बच्चे ने ज़रा सी डाँट पड़ने पर फांसी लगा ली।सातवीं क्लास का बच्चा अपनी टीचर को मेसेज करता है कि ” आप मेरे साथ डेट पर चलो “! वहीं आठवीं का बच्चा , टीचर को मेसेज करता है कि ” मैं तुम्हें […]Read More
राजीव चौधरी :लेखक दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं । न जाने कितनी दशाओं, दिशाओं और अवस्थाओं में स्थित, भांति-भांति के जीव-जंतु इस जगत में अपने जीवन का सुख भोग रहे हैं। पृथ्वी पर किसका कब जन्म, अवतरण या आगमन हुआ किसी को नहीं पता, बस आते गए और ठिकाना बनाते गए, […]Read More
दोस्तों !!! आज देश के कोने कोने में सोशल मीडिया के माध्यम से लोग अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं ।साहित्य की विभिन्न विधाओं में सिर्फ़ हिंदी साहित्य से बी ए ,एम ए किए हुए विद्यार्थी या विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले प्रोफेसर ही नहीं लिख रहे हैं बल्कि आज गाँव से शहर तक के लोग […]Read More
कुणाल चंद्रा हमलोग करनाल में कल्पना चावला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के टाइप ३ क्वाटर के ९ वीं मंजिल पर क्वाटर न. २५ में रहते हैं. हमलोगों को चिड़िया से खासे लगाव है. हमलोग सुन्दर अभिरुचि के लोग हैं और प्रकृति से प्रेम रखते हैं. क्वाटर के आस-पास कबूतर बहुतायत में पाए जाते हैं. जैसे घर […]Read More
शायर रजनीश संतोष की समय से बातें करती हुईं ग़ज़लें 【आठ बजेंगे】तीनों लोकों में चर्चा है, आठ बजेंगे,आज ये फिर ऐलान हुआ है, ‘आठ बजेंगे’… मुफ़लिस के चौबीसो घंटे आठ बजे हैं,और अब जब तक वो ज़िंदा है, आठ बजेंगे… परबत गुमसुम नादिया है ख़ामोश हवा चुप,सूरज दहशत में बैठा है, आठ बजेंगे… गूंज रही […]Read More