आल्हा

मुंशी प्रेमचन्द आल्हा का नाम किसने नहीं सुना। पुराने जमाने के चन्देल राजपूतों में वीरता और जान पर खेलकर स्वामी की सेवा करने के लिए किसी राजा महाराजा को भी यह अमर कीर्ति नहीं मिली। राजपूतों के नैतिक नियमों में केवल वीरता ही नहीं थी बल्कि अपने स्वामी और अपने राजा के लिए जान देना […]Read More

रैदास

1 –ऊँचे कुल के कारणै, ब्राह्मन कोय न होय। जउ जानहि ब्रह्म आत्मा, रैदास कहि ब्राह्मन सोय॥ 2–जनम जात मत पूछिए, का जात अरू पात। रैदास पूत सब प्रभु के, कोए नहिं जात कुजात॥ 3 –रैदास इक ही बूंद सो, सब ही भयो वित्थार। मुरखि हैं तो करत हैं, बरन अवरन विचार॥ 4-जात पांत के […]Read More

नदी की बहती धार

विमलेश गंगवार   ,संस्कृत की भूतपूर्व प्रवक्ता हैं । इनके तीन उपन्यास और एक कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं ।विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में आपकी कहानियाँ ,कविताएँ और लेख प्रकाशित होते रहते हैं ।] पर्वत-सा उत्तंग बन्धा, इस पर सरकारी काॅलोनी, उस पार बन्धे के नीचे बसी वस्ती। पोलिथीन, घासफूस, टाट-बोरों से बनी झोपड़ियाँ और […]Read More

मैं चमारों की गली में ले चलूँगा आपको

आदम गोंडवी आइए महसूस करिए जिंदगी के ताप कोमैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपको जिस गली में भुखमरी की यातना से ऊब करमर गई फुलिया बिचारी इक कुएँ में डूब कर है सधी सिर पर बिनौली कंडियों की टोकरीआ रही है सामने से हरखुआ की छोकरी चल रही है छंद के आयाम को […]Read More

श्रवण यादव की कविताएँ

श्रवण यादव जी उतर प्रदेश के संतकबीर नगर जनपद के मूल निवासी है तथा वर्तमान में दिल्ली में सरकारी सेवा में रत है | साहित्य में इनकी गहरी अभिरुचि है और अपने कठिन सरकारी दायित्वों का निर्वहन करते हुए भी सामयिक विषयों पर गद्य और पद्य दोनों विधाओ में निरंतर लेखन के कार्य के कार्य […]Read More

छोटी उम्र में बड़ा कारनामा-भगत सिंह

28 सितंबर ,1907 को भगत सिंह एक क्रांतिकारी परिवार में पैदा हुए थे। इनकी माता का नाम विद्यावती और पिता किशन सिंह था । भगत सिंह को पढ़ने लिखने का बहुत शौक़ था ।इनकी किताब ‘ मैं नास्तिक क्यों ?’ इनकी वैचारिक पद्धति को समझने के लिए एक अच्छी पुस्तक है। असेंबली में बम फेंकने […]Read More

दिनेश कुमार सिंह की कविताएं

【कुछ न कुछ टूट ही जाता है..】 कुछ न टूटे ये असम्भव हैकुछ न कुछ रोज टूटनालाज़िमी हैसोचता हूँ,लिखता हूंपढ़कर फाड़ देता हूँउकड़ू बैठ जाता हूंमन मे एक नया भाव आता हैफिर कुछ न कुछ टूट ही जाता है! जिंदगी क्या है आग धुंआया पानीया फिर भूख प्यासया झूठ की कहानीसोचते सोचते जीनेका सामान जुटाने,बाजार […]Read More

Parivartan Student Guidance Program (on 26th september ,Focus on Preparation

Parivartan Student Career Guidance program is Parivartan’s flagship program which brings a guidance program on alternate Saturday on career opportunities in different field,where in we call experts to guide and motivate the students ..The aim of the program is to help students from far flung areas of the country especially rural and small town youths […]Read More

आग़ाज़ ए सुख़न-13

चर्चित कवयित्री डॉ अनुराधा ओस के संचालन में 27 सिंतबर को आग़ाज़ ए सुख़न का 13 वां एपिसोड होगा । देश -विदेश,गाँव-शहर ,वरिष्ठ-कनिष्ठ सभी रचनाकारों को मंच देने वाला कार्यक्रम है, आग़ाज़ ए सुख़न ।जुड़ने के लिए parivartan 20142014@gmail.com पर सम्पर्क करें । इस कार्यक्रम के सभी वीडियो parivartan studio (you tube channel) और परिवर्तन […]Read More

पेरियार से हम क्या सीखें ?

संजय श्रमण इस देश में भेदभाव और शोषण से भरी परम्पराओं का विरोध करने वाले अनेक विचारक और क्रांतिकारी हुए हैं जिनके बारे में हमें बार-बार पढ़ना और समझना चाहिए. दुर्भाग्य से इस देश के शोषक वर्गों के षड्यंत्र के कारण इन क्रांतिकारियों का जीवन परिचय और समग्र कर्तृत्व छुपाकर रखा जाता है. हमारी अनेकों […]Read More