मोरिंगा(सहजन)एक अद्भुत औषधीय पौधा

 मोरिंगा(सहजन)एक अद्भुत औषधीय पौधा

प्रियंका एम.के. ,माइक्रो बायोलोजिस्ट

रिसर्च स्कालर ,

Priyanka.2475@rediffmail.com

नेचर औषधीय गुणों की खान है. इसी में एक पौधा है मोरिंगा, जिसे सहजन भी कहते हैं. मोरिंगा एक प्रकार का सुपर फूड है. इसको जादुई पेड़ भी कहा जाता है. यह शरीर की एक नहीं बल्कि अनेक बीमारियों का निदान करता है. यह एक बहु उपयोगी पेड़ है. इसकी विशेषता यह है कि इसका हर भाग औषधि के रूप में काम आता है. यह भारत में हर जगह बहुत आसानी से उगाया जाता है और सुविधा से मिल जाता है. प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हाल ही में  फिट इंडिया मुहिम के एक साल पूरा होने पर अपनी फिटनेस की सीक्रेट रेसिपी मोरिंगा के पराठे बताया है.

   आयुर्वेद के अनुसार सहजन में लगभग ३०० बीमारियों का इलाज करने की क्षमता होती है.

मोरिंगा का बोटिनिकल नाम मोरिंगा ओलेफेरिया  है. इसे सामान्य रूप से सहजन के नाम से जाना जाता है.आयुर्वेद में इसे शोभांजन या दंशमूल  कहा गया है.ड्रम स्टिक ट्री  के नाम  से भी यह बहुत पापुलर है. अब हम इसके गुणों के बारे में बात करते हैं. इसमें 92 प्रकार के मल्टी विटामिन्स और 46 तरह के एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं. मोरिंगा में 18 तरह के एमिनो एसिड और 36 तरह के दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं. मोरिंगा की 100 ग्राम पत्तियों के पाउडर में दूध से लगभग 17 गुना अधिक कैल्शियम और पालक से 25 गुना अधिक आयरन होता है.

मोरिंगा के औषधीय उपयोग

1.हाई ब्लड प्रेशर को कन्ट्रोल करने में उपयोगी : मोरिंगा की पत्तियों का रस धमनियों के अन्दर  ई- एन ओ  एस – एस जी सी के प्रतिरोध को कम करता है जिससे हाई ब्लड प्रेसर में लाभ मिलता है.

2. हड्डियों को मजबूती में लाभकारी : मोरिंगा में कैल्शियम,आयरन और मैगनीशियम आदि  प्रचुर मात्र में पाये जाते हैं जो जोड़ों के दर्द से निजात दिलाते हैं और हड्डियों को मजबूत बनाते हैं.

3. इन्फेक्शन में प्रतिरोध कारक : इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो इन्फेक्शन से दूर रखते हैं. इसकी पत्तियों को पानी में उबाल कर भाप लेने से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है.

4.अच्छा ब्लड प्योरीफायर : मोरिंगा की पत्तियों  का रस पीने से खून की सफाई होती है और हानिकारक पदार्थ यूरिन से बाहर निकल जाते हैं.

5. कोलेस्ट्राल नियंत्रण में लाभकारी : इसमें मौजूद एंजाइम अतिरिक्त कोलेस्ट्राल को प्रभावी ढंग से अवशोषित करने में मदद करता है.इसलिए दिल की बीमारियों में भी मोरिंगा का सेवन उपयोगी होता है.

6. इम्युनिटी बूस्टर: इम्युनिटी बढाने में मोरिंगा को अमृत के समान माना जाता है. इसके सेवन से आप बार-बार बीमार नहीं पड़ेंगे.

7.चोटमोच में उपयोगी: किसी प्रकार की चोट-मोच लगने पर मोरिंगा की पत्तियों का पेस्ट बना लें. सरसों के तेल में धीमी आंच पर पकाकर चोट की जगह पर लगा लें. निश्चित आराम मिलता है.

आइये, नेचुरल रहें,हेल्दी जियें .

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