मृत्युबोध से उपजे जीवन बोध की कविता: डायरी का पीला

समीक्षक: डॉ कादम्बिनी मिश्रा कविता संग्रह: डायरी का पीला वरक कवि: सुशील द्विवेदी कहा जाता है कि आज के त्रासद समय की विडंबना पूर्णस्थिति को कविता अपने कलेवर में नहीं समा सकती, लेकिन पिछले बरस प्रकाशित कविता-संग्रह ने इस चुनौती को बहुत कुछ संभव कर दिखाया है। संग्रह का शीर्षक है – ‘डायरी का पीला […]Read More

निंदा रस

लेखक : तेज प्रताप नारायण लेखक दर्जन से अधिक पुस्तकें लिख चुके हैं और कई सारे पुरुस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं ।Email: tej.pratap.n2002@gmail.com निंदक नियरे राखिए कबीर दास जी के एक दोहे का अंश है जिसको अक्सर कई लोग उद्धृत करते हुए निंदा को महान गुण मान लेते हैं , उन्हें लगता है निंदा […]Read More

First Line of Defence

लेखक : तेज प्रताप नारायण लेखक दर्जन से अधिक पुस्तकें लिख चुके हैं और कई सारे पुरुस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं ।Email: tej.pratap.n2002@gmail.com वर्तमान समय में कोई विरला ही होगा जो किसी न किसी प्रकार के मानसिक या शारीरिक अवसाद से न घिरा हो ।एक परफेक्ट व्यक्ति या परफेक्ट हेल्थ की बस कल्पना की […]Read More

अमृता प्रीतम

1 . [ मैं तुम्हें फिर मिलूँगी ] मैं तुम्हें फिर मिलूँगी कहाँ? किस तरह? नहीं जानती शायद तुम्हारे तख़्ईल की चिंगारी बन कर तुम्हारी कैनवस पर उतरूँगी या शायद तुम्हारी कैनवस के ऊपर एक रहस्यमय रेखा बन कर ख़ामोश तुम्हें देखती रहूँगी या शायद सूरज की किरन बन कर तुम्हारे रंगों में घुलूँगी या […]Read More

सरदार पटेल और नेहरू

लेखक : कुमार विवेक आज सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्मदिन है।सैकडों रियासत को बहुत ही शानदार नेतृत्व से एक करने में उनकी भूमिका के कारण हम यह दिवस राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाते हैं। खेड़ा सत्याग्रह,बारदोली आंदोलन ,रियासतों के एकीकरण जैसी प्रमुख घटनाओं के कारण वे हमारी जुबान पर रहते हैं।ये ऐसी घटनाएं […]Read More

डॉ दीपा की कविताएं

डॉ० दीपा शिक्षापीएच.डी., एम. फिल., एम.ए. हिंदी (दिल्ली विश्वविद्यालय)पी.जी. डिप्लोमा कोर्स अनुवादक अंग्रेजी-हिंदी-अंग्रेजी (दिल्ली विश्वविद्यालय)पी.जी. सर्टिफिकेट कोर्स पत्रकारिता (दिल्ली विश्वविद्यालय) प्रकाशन•”दीपांजलि” (एकल काव्य संग्रह)•”मासूम सपने” (सम्पादित काव्य संग्रह)•किन्नरों के जीवन पर शोधपरक पुस्तक प्रकाशनाधीन•विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशन हिंदी काव्य सम्मेलनों में ऑनलाइन एवम ऑफलाइन नियमित रूप से भागीदारी :1 […]Read More

सबसे सुंदर दृश्य

सबसे सुंदर दृश्यचूल्हे पर रखी बटलोई में खदबदाता भात सबसे सुंदर बातहजार तहों के अंदर आती से मुस्कुराती तुम्हारी आँखे सबसे सुंदर बातमुझको तुमसे प्रेम है, पानी सा निश्छल और सबसे सुंदरतम बातलाल कमल फिर से खिलने को है आँखो के पोखर में। डॉ अनुराधा ओसRead More

परिवर्तन की काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह

‘ परिवर्तन साहित्यिक मंच और साहित्य संचय ‘ के संयुक्त तत्वाधान में रेलवे आफिसर क्लब,कनाट प्लेस ,नई दिल्ली में एक शानदार काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। परिवर्तन साहित्यिक मंच लगातार सैकडो़ं काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन कराते आ रहा है ।जिसके फलस्वरूप पुराने से लेकर नये रचनाकारों को एक पहचान मिल रही है ।इस […]Read More

लोक आस्था का पर्व ‘ नवा ‘

तेज प्रताप नारायण लोक आस्थाएं तमाम तरह के अंधविश्वास, टीम- टाम से अलग होती हैं ।यदि ऐसे कहा जाए कि लोक आस्थाएं प्रकृति के विभिन्न अंगों-उपांगो के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के उपकरण हैं ,तो शायद गलत न होगा। शायद लोक प्रकृति से इतना जुड़ा हुआ है कि उससे बिना संवाद किए उसका हृदय आह्लाद […]Read More

औरत

तेज प्रताप नारायण ज़रा सोचिएयदि आपको सिर से पैर तककपड़े से ढक करबुर्क़ा पहन करघूँघट निकाल करगर्मी के महीने मेंरात दिन पसीने मेंजिंदगी बसर करनी पड़ेतो कैसा एहसास होगा यदि आपको तीन तलाक़ के साए मेंजिंदगी गुज़ारनी पड़ेबिना अधिकार के कोई ज़िम्मेदारी संभालनी पड़ेयदि आपको रूप कंवर बनना पड़ेजलती चिता में जलना पड़ेतो क्या हाल […]Read More