ब्याह

रीना गोयल ….सरस्वतीनगर( हरियाणा) निपट गंवार था धीरु..बड़े बाप की बिगड़ैल औलादहुकूमत के सिवा सीखा ही नही कुछ..औरत को पांव की जूती समझता  ।सब गांव वालों की आँख में चुभता पर मुखिया के डर से कोई मुह न खोलता..लेकिन आज तो हद हो गयीखेत में सरजू की बिटिया चमकी को अकेला देख खूब मर्दानगी दिखाई […]Read More

मख्खनबाजी और बेईमानी कम्पल्सरी है भाई!

आशीष तिवारी निर्मल लालगांव,रीवा,मध्यप्रदेश जी हाँ !बिलकुल सही पढ़ा है आपने! खुद के द्वारा किए गए एक शोध से यह कहने में मुझे कोई गुरेज नही कि यह दुनिया सिर्फ और सिर्फ मख्खनबाजी और बेईमानी की बुनियाद पर टिकी हुई है! दुनिया में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति में मख्खनबाजी और बेईमानी का गुण विद्यमान है चाहे […]Read More

कहानी – निरबंस

आज सुबह से ही चौधरी काका के चेहरे पर उदासी की पीड़ा और निराशा झलक रही थी। कुछ बताया तो नहीं पर, बिना  खराई किए, सुबह से ही बाबू जी की बैठक मे अकेले ही हुक्का गुड़गुड़ा रहे थे । कई बार कुरेदने पर भी सिर्फ चुप रह गये थे।आज तो काकी ने भी सुबह […]Read More

गौरव सिंह की कविताएँ

[ पिता] बारिश की मार में, छाते‌‌ कि तरह, ठिठुरती ठंढ में , गर्म कंबल की तरह, गर्मियों की लु में, शीतल जल की तरह, कड़कती धूप में, घनी छांँव की तरह, मकान की दिवारों में, मजबूत छत की तरह, और हर कठिन राह में, जो बनकर कंधा , सबका सहारा होता है वो एक […]Read More

Caste:The origin of our discontent

संजय श्रमण हजारों साल तक चल सकने वाली किसी भी नफरत को अगर आप समझना चाहते हैं तो आपको पहले भारत के समाज और धर्म को समझना पड़ेगा। पुलिट्ज़र पुरस्कार विजेता इसाबेल विलकिनसन इस सूत्र को गहराई से जान और समझ गई हैं, उन्हे भारत के समाज और भारतीय धार्मिक परंपरा का अनुग्रहित होना चाहिए, […]Read More

जाति की आत्मकथा

तेज प्रताप नारायण (लेखक के चार कविता संग्रह,दो कहानी संग्रह ,एक उपन्यास, एक साझा उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं ।पाँच किताबों का संपादन भी कर चुके हैं ।भारत सरकार द्वारा मैथिलीशरण गुप्त सम्मान और प्रेम चंद सम्मान से समानित हो चुके हैं । एक व्यंग्य संग्रह शीघ्र प्रकाश्य है ।) मैं जाति हूँ और भारत […]Read More

मुन्नी गुप्ता की कविताएँ

शिक्षा :एम ए ,एम फिल, पीएच डी,कलकत्ता यूनिवर्सिटी विशेषज्ञता – स्त्री-विमर्श, समकालीन कविता, अनुवाद, साहित्यिक आलोचना.विशेषज्ञता – स्त्री-विमर्श, समकालीन कविता, अनुवाद, साहित्यिक आलोचना. पन्द्रह वर्ष शिक्षण का अनुभव 2016 – वर्तमान, असिस्टेंट प्रोफसर, प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय, कोलकाता.2012-2016 विद्यासागर विवि., पश्चिम मेदिनीपुर,2008-2012 कलकत्ता गर्ल्स कॉलेज, कोलकाता,2003-2008, विभिन्न कॉलेजों में आंशिक प्रवक्ता पुरस्कार/सम्मान• गोदावरी देवी स्मृति पुरस्कार, 2018, […]Read More

फेथ(लघु कथा)

तेज प्रताप नारायण ईसाई माता पिता की संतान सोनिया ने अचानक निर्णय किया कि वह वह बौद्ध धर्म अपनाना चाहती है ।उसे नहीं पता था कि घर वालों की क्या प्रतिक्रिया होगी ?लेकिन कुछ भी करने से पहले वह घर वालों से बात चीत करना चाहती है ।किसी को अँधेरे में रखकर वह इतना बड़ा […]Read More

कैलाश मनहर की कविताएँ

प्रकाशित कृतियाँ:– कविता की सहयात्रा में, सूखी नदी, उदास आँखों में उम्मीद, अवसाद पक्ष, अरे भानगढ़(कविता संग्रह ),हर्फ़ दर हर्फ़ (ग़ज़ल संग्रह) तथा मेरे सहचर::मेरे मित्र(संस्मरणात्मक रेखाचित्र) [ ऐन उसी वक़्त ] झपट्टा मारने के लिये  फड़फड़ा रहा है बाज़ कबूतरों ने आँखें मूंद ली हैं  शुतुरमुर्गों के सिर ज़मीन में धँस रहे हैं  मोर […]Read More

कुंदन सिद्धार्थ की कविताएँ

बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के एक गाँव हरपुर में जन्म । संप्रति: आजीविका हेतु पश्चिम मध्य रेल, जबलपुर में कार्यरत अक्षरा,आवर्त,समकालीन परिभाषा,वागर्थ,समकालीन भारतीय साहित्य पत्रिकाओं में तथा समकालीन जनमत के वेबसाइट पर कविताएँ प्रकाशित,हंस,धर्मयुग ;संडे ऑब्जर्वर, में वैचारिक आलेख प्रकाशित ! मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन के मंचों पर काव्य-पाठ, गणेश गनी के संपादन में […]Read More